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गृह प्रवेश मुहूर्त 2027: शुभ तिथियां, नक्षत्र, वर्जित मास एवं वास्तु पूजन विधि

By Dharma Jyothi Vedika Editorial Board •


✦ त्वरित जानकारी: साल 2027 में गृह प्रवेश के सर्वश्रेष्ठ महीने एवं मूल नियम

वर्ष 2027 में नए घर में गृह प्रवेश (अपूर्व गृह प्रवेश) हेतु माघ (फरवरी), फाल्गुन (मार्च), वैशाख (अप्रैल-मई), ज्येष्ठ (जून), एवं कार्तिक व मार्गशीर्ष (नवंबर-दिसंबर) माह सबसे शुभ माने गए हैं।

अति महत्वपूर्ण शास्त्र नियम: चातुर्मास (14 जुलाई 2027 से 10 नवंबर 2027 तक) में भगवान विष्णु के योगनिद्रा में होने के कारण तथा शुक्र अस्त (6 जुलाई से 13 अगस्त 2027) एवं खरमास के दौरान नए घर का गृह प्रवेश शास्त्र सम्मत रूप से पूर्णतः वर्जित है।

सनातनी परंपरा में गृह प्रवेश केवल एक मकान में कदम रखना नहीं, बल्कि नए प्रासाद में वास्तु पुरुष, कुलदेवी, कुलदेवता एवं नवग्रहों की प्राण-प्रतिष्ठा का पावन उत्सव है। मत्स्य पुराण एवं मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार जब उचित तिथि, वार, नक्षत्र और स्थिर लग्न में प्रवेश किया जाता है, तो घर में सुख, शांति, संतान वृद्धि और अटूट लक्ष्मी का वास होता है।

शास्त्रों के अनुसार गृह प्रवेश के तीन प्रकार

  • 1. अपूर्व गृह प्रवेश: नव-निर्मित भूमि पर बने नए घर में पहली बार प्रवेश करना। इसमें संपूर्ण वास्तु शांति, नवग्रह हवन, देहरी पूजन और कलश यात्रा अनिवार्य होती है।
  • 2. सपूर्व गृह प्रवेश: पुराने खरीदे गए मकान में, अथवा घर की मरम्मत (Renovation) या लंबे समय तक बाहर रहने के बाद पुनः घर में वास करना।
  • 3. द्वन्द्व गृह प्रवेश: प्राकृतिक आपदा (अग्नि, बाढ़ या भूकंप) के बाद पुनर्निर्मित घर में शुद्धि पाठ और शांति हवन के साथ प्रवेश करना।

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2027 में गृह प्रवेश के लिए वर्जित समय (पंचांग तथ्य जांच)

निषिद्ध अवधि 2027 की सटीक तिथियां धार्मिक कारण
चातुर्मास 2027 14 जुलाई 2027 से 10 नवंबर 2027 तक देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक श्रीहरि शयन में रहते हैं। मांगलिक कार्य निषिद्ध रहते हैं।
शुक्र अस्त (तारा डूबना) 6 जुलाई 2027 से 13 अगस्त 2027 तक वैभव व गृहस्थ सुख के कारक शुक्र ग्रह अस्त रहने पर गृह प्रवेश वर्जित होता है।
मीन खरमास (मलमास) 15 मार्च 2027 से 14 अप्रैल 2027 तक सूर्य के मीन राशि में रहने से खरमास का दोष लगता है।
श्राद्ध पक्ष (पितृ पक्ष) 16 सितंबर 2027 से 30 सितंबर 2027 तक यह अवधि केवल पितरों के तर्पण हेतु है। उत्सव कार्य वर्जित हैं।
धनु खरमास 16 दिसंबर 2027 से 14 जनवरी 2028 तक सूर्य का धनु संक्रांति प्रवास। मांगलिक कार्य रुके रहते हैं।

माहवार गृह प्रवेश शुभ मुहूर्त 2027 तालिका

माह (2027) श्रेष्ठ शुभ तिथियां हिंदू मास व तिथि शुभ नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ समय
फरवरी (माघ) 10, 12, 18, 19, 26 फरवरी माघ शुक्ल पंचमी, सप्तमी, द्वादशी रोहिणी, मृगशिरा, रेवती प्रातः 06:45 से 11:15 बजे तक
मार्च (फाल्गुन) 4, 5, 11 मार्च (खरमास पूर्व) फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी उत्तराफाल्गुनी, चित्रा सूर्योदय से दोपहर पूर्व
अप्रैल (वैशाख) 22, 23, 30 अप्रैल वैशाख प्रतिपदा, द्वितीया अनुराधा, स्वाति प्रातः 06:15 से 10:45 बजे तक
मई (अक्षय तृतीया मास) 6, 9 (अक्षय तृतीया), 13, 14, 20 मई वैशाख शुक्ल तृतीया से दशमी रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु अभिजीत मुहूर्त व प्रातः काल
जून (ज्येष्ठ) 4, 10, 11, 17 जून ज्येष्ठ शुक्ल दशमी से त्रयोदशी चित्रा, अनुराधा प्रातः 05:45 से 09:30 बजे तक
जुलाई – अक्टूबर कोई मुहूर्त नहीं (चातुर्मास एवं शुक्र अस्त)। केवल किराए के मकान में सरल प्रवेश संभव है।
नवंबर (कार्तिक) 19, 20, 25, 26 नवंबर कार्तिक शुक्ल (देवउठनी एकादशी पश्चात) उत्तराभाद्रपद, रेवती प्रातः 07:15 से 11:30 बजे तक
दिसंबर (मार्गशीर्ष) 3, 4, 9, 10 दिसंबर मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी से दशमी रोहिणी, मृगशिरा प्रातः 07:30 से 10:45 बजे तक

चरणबद्ध वैदिक गृह प्रवेश पूजन विधि

  1. तोरण व मुख्य द्वार पूजन: आम के पत्तों व गेंदे के फूलों का तोरण द्वार पर बांधें। देहरी पर रोली व हल्दी से स्वास्तिक और शुभ-लाभ अंकित करें।
  2. दायां पैर आगे रखकर कलश प्रवेश: गृहस्वामिनी अपने सिर या हाथों में गंगाजल, आम्रपल्लव और नारियल युक्त मंगल कलश लेकर दायां पैर आगे रखकर प्रवेश करें।
  3. दूध उबालने का शकुन (क्षीर पाक): नए बर्तन में गाय का दूध उबाला जाता है। दूध का पूर्व दिशा में गिरना मान-सम्मान व यश तथा उत्तर दिशा में गिरना धन-वैभव की वृद्धि का सूचक है।
  4. वास्तु शांति होम एवं नवग्रह पूजन: वैदिक पुरोहित द्वारा वास्तु पुरुष की बलि व नवग्रहों को आहुतियां अर्पित की जाती हैं।
  5. रात में नए घर में शयन: पूजा के उपरांत पहली रात नए घर में सपरिवार शयन करना अत्यंत अनिवार्य है। घर को सूना छोड़कर नहीं जाना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: क्या किराए के मकान में पूरा हवन करना जरूरी है?

नहीं। किराए के घर में केवल मुख्य द्वार पूजन, दूध उबालना और सत्यनारायण कथा का पाठ करना पर्याप्त और कल्याणकारी होता है।

प्रश्न 2: मंगलवार या रविवार को गृह प्रवेश क्यों नहीं करते?

मंगलवार को अंगारक और रविवार को क्रूर सूर्य का प्रभाव होने से गृह शांति में बाधा आ सकती है। अतः सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार ही सर्वोत्तम हैं।

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